बीटीसी डीएलएड क्या है? कैसे अप्लाई करें? सम्पूर्ण जानकारी

बीटीसी/डीएलएड: बीटीसी क्या है? डीएलएड क्या है? BTC kya hota hai? DElEd kya hota hai? ऐसे प्रश्न अक्सर बहुत से छात्र खोजते हैं। आज  हम आपको बीटीसी/डीएलएड से जुड़ी सम्पूर्ण जानकारी प्रदान करेंगे।

पहले तो ये जान लेना चाहिए कि क्या बीटीसी और डीएलएड अलग-अलग हैं? तो इसका उत्तर है कि जी नही दोनों एक ही हैं। उत्तरप्रदेश में डीएलएड को ही बीटीसी कहा जाता था। पर अब इसका नाम डीएलएड कर दिया गया है। आपको पूरी जानकारी देते हैं कि बीटीसी / डीएलएड क्या है? BTC / DELED Course kya hota hai? BTC DEled kaise kare? BTC / DElEd me Admission Kaise le?

बीटीसी / डीएलएड क्या है ? | BTC / DElEd Course Kya Hota hai?

डीएलएड और बीटीसी एक ही कोर्स हैं। UP में डीएलएड को ही बीटीसी कहा जाता है। BTC का फुल फॉर्म है – Basic Training Certificate. और DElEd का फुल फॉर्म है – Diploma in Elementary Education.

प्रश्न है कि ये बीटीसी या डीएलएड क्या है? बीटीसी या डीएलएड एक कोर्स है। यह एक प्रकार का प्रशिक्षण है जिसे करने के बाद आप प्राथमिक या जूनियर के शिक्षक बन सकते हैं। इसके बाद राज्य का TET या CTET परीक्षा उत्तीर्ण करना होता है।

बीटीसी / डीएलएड कोर्स की योग्यता क्या है ? | BTC / DElEd Eligibility

प्रश्न है कि यह BTC / DElEd कौन कर सकता है और कौन नही? इसकी योग्यता क्या है?

BTC / DElEd के लिए निम्न योग्यताएं होनी चाहिए:

  • आपको ग्रेजुएशन पास होना चाहिए। फर्क नही पड़ता है कि आपने BA किया है बीएससी, बीकॉम या फिर बीटेक आदि। आपने कुछ भी किया हो आप इसके योग्य हो सकते हैं।
  • कुछ राज्यों में 12 वीं कक्षा के बाद भी यह प्रशिक्षण होता है।

बीटीसी / डीएलएड में सेलेक्शन का क्या प्रोसीजर है? बीटीसी / डीएलएड में एडमिशन कैसे लें?

बीटीसी / डीएलएड में सबसे पहले ऑनलाइन फॉर्म भरना पड़ता है। जब भी इसके फॉर्म निकले किसी कैफ़े में जाकर या ख़ुद ही आप इसका ऑनलाइन फॉर्म भर सकते हैं।

उसके पश्चात मेरिट बनती है। मेरिट के अनुसार आपको विभिन्न कॉलेज या सरकारी कॉलेज के प्रवेश मिलता है।

बीटीसी या डीएलएड प्रशिक्षण हेतु मिलने वाले सरकारी कॉलेज को डाइट (DIET) कहा जाता है। DIET का फुल फॉर्म है – “District Instiute of Education and Training”.

प्रश्न है कि बीटीसी / डीएलएड की मेरिट कैसे बनती है? बीटीसी / डीएलएड एडमिशन अर्थात प्रवेश हेतु जो मेरिट बनती है उसमें हाइस्कूल, इंटर और ग्रेजुएशन (स्नातक) के अंकों को जोड़ा जाता है। ये कुल अंक ही मेरिट कहलाते हैं।

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बीटीसी / डीएलएड में सरकारी कॉलेज या प्राइवेट कॉलेज कैसे मिलता है?

ऑनलाइन काउंसलिंग के माध्यम से आपकी मेरिट के आधार पर सरकारी या प्राइवेट कॉलेज का आवंटन किया जाता है। पहले यह प्रक्रिया ऑफलाइन होती थी अर्थात आपको जिस कॉलेज में एडमिशन लेना होता था वहां जाकर काउंसलिंग करवाना पड़ता था परंतु सरकार ने इस व्यवस्था को बदलकर ऑनलाइन कर दिया।

आपकी मेरिट अच्छी होगी तो आपको DIET मिल सकता है वरना आपको प्राइवेट कॉलेज मिलेगा।

बीटीसी / डीएलएड की कॉउंसिलिंग में लगने वाले डाक्यूमेंट्स

वैसे डाक्यूमेंट्स की सूची आपको एडमिशन लेने के दौरान कॉलेज से पता चल जाएगी। फिर भी आप कुछ डाक्यूमेंट्स तैयार रख सकते हैं। जो कि इस प्रकार हैं –

  • हाई स्कूल, इंटर, ग्रेजुएशन की मूल प्रति और 3-4 छायाप्रति।
  • आय प्रमाण पत्र, निवास प्रमाण पत्र की मूल प्रति और 3-4 छाया प्रति।
  • चरित्र प्रमाण पत्र मूल और छाया प्रति।
  • ग्रेजुएशन की डिग्री या अस्थायी प्रमाण पत्र (प्रोविजनल) ।
  • 40 पासपोर्ट साइज फ़ोटो।
  • एफिडेविट उनके बताए अनुसार।

बीटीसी / डीएलएड कोर्स में सरकारी कॉलेज या प्राइवेट कॉलेज की फीस कितनी होती है?

यदि आपको सरकारी कॉलेज यानी कि DIET मिलता है तो फीस साल भर की 10000 ₹ लगभग होती है।

पर यदि आपको प्राइवेट कॉलेज मिलता है तो फीस 41000₹ होती है। परंतु अन्य सुविधाओं के नाम पर तीन-पांच बताकर ये लोग 50 हजार रुपये तक और वसूल कर लेते हैं। जो कि अवैध राशि होती है। परंतु वो ले ही लेते हैं। और क्योंकि आपकी मजबूरी रहती है तो आपको भविष्य बनाने हेतु ये देना ही होता है। वरना वो आपको कम अंक देकर परेशान कर सकते हैं।

तो प्राइवेट कॉलेज से बीटीसी / डीएलएड करने का कुल खर्च लगभग 2 लाख के आसपास आ जाता है।

बीटीसी / डीएलएड कितने साल का होता है?

बीटीसी या डीएलएड प्रशिक्षण 2 साल का कोर्स है। जो कि 4 सेमेस्टर में विभाजित है। हर सेमेस्टर 5-6 महीनों का होता है। फिर उस सेमेस्टर की परीक्षा होती है। इसके साथ ही हर 2 महीने में एक यूनिट टेस्ट होता है। जिसे Internal परीक्षा में काउंट किया जाता है।

हर सेमेस्टर का रिजल्ट internal और External दोनों परीक्षाएं जोड़कर बनता है।

Interanl में कॉलेज के अंदर की परीक्षाएं, गतिविधियों को समिल्लित किया जाता है।

External में सम्पूर्ण सेमेस्टर की लिखित परीक्षा आती है।

इसके अलावा हर सेमेस्टर में आपको एक प्राथमिक विद्यालय में भेजा जाएगा जहां 1 महीने के लिए आपको Internship के रूप में पढ़ाना होगा। फिर वहां के हेड मास्टर द्वारा आपको 100 अंकों में से अंक दिए जाएंगे। और कार्य मुक्ति आख्या लेकर आपको वापस कॉलेज आना होगा।

कुल मिलाकर एक सेमेस्टर 800 अंक का होता है। और चारों सेमेस्टर कुल 3200 अंक का।

शुरुआती तीन सेमस्टर में आपको प्राथमिक विद्यालय और अंतिम चौथे सेमेस्टर में आपको जूनियर यानी कि कक्षा 6 से 8 के विद्यालय मे जाना होगा पढ़ाने हेतु।

बीटीसी / डीएलएड के बाद अध्यापक कैसे बनते हैं?

बीटीसी / डीएलएड के बाद टीचर बनने हेतु आपको राज्य या केंद्र की TET परीक्षा उत्तीर्ण करनी होती है। TET का फुल फॉर्म है – Teacher Eligibility Test (शिक्षक पात्रता परीक्षा).

TET या CTET निकालने के पश्चात आप केंद्रीय विद्यालय, DSSSB, या उत्तर प्रदेश सहायक अध्यापक भर्ती परीक्षा (Super TET) देकर, उत्तीर्ण करके आप प्राथमिक के शिक्षक बन सकते हैं।

प्राइमरी टीचर की सैलरी कितनी होती है?

विभिन्न राज्यों के प्राथमिक शिक्षक की सैलरी अलग-अलग होती है। यह सैलरी उत्तर प्रदेश राज्य के प्राथमिक शिक्षक की सबसे अच्छी है। अन्य राज्यों में कुछ कम है। जबकि केंद्र और दिल्ली में भी काफी अच्छी है। अमूमन 40000 से 50000 ₹ तक होती है।

Conclusion:

उम्मीद है आप सबको समझ आ गया होगा कि ये बीटीसी / डीएलएड क्या होता है? बीटीसी डीएलएड कैसे किया जाए? बीटीसी / डीएलएड में प्रवेश कैसे लें? यह सब आप समझ गए होंगे। अगर आपको यह पसन्द आया हो तो अपने ग्रेजुएशन पास मित्रों को शेयर करें और उन्हें अध्यापक बनने में मदद करें।

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